पूर्णिया पुलिस लाइन में खुला पालना घर, अब निश्चिंत होकर ड्यूटी करेंगी महिला पुलिसकर्मी

अक्सर आपने देखा होगा कि महिला पुलिसकर्मी अपने छोटे बच्चों को लेकर ड्यूटी के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करती हैं। कभी बच्चों की देखभाल की चिंता, तो कभी ड्यूटी और परिवार के बीच संतुलन बनाने की मजबूरी।

पूर्णिया पुलिस लाइन में खुला पालना घर, अब निश्चिंत होकर ड्यूटी करेंगी महिला पुलिसकर्मी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 11, 2026, 5:31:00 PM

अक्सर आपने देखा होगा कि महिला पुलिसकर्मी अपने छोटे बच्चों को लेकर ड्यूटी के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करती हैं। कभी बच्चों की देखभाल की चिंता, तो कभी ड्यूटी और परिवार के बीच संतुलन बनाने की मजबूरी। लेकिन अब पूर्णिया की महिला पुलिसकर्मियों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। उनकी इसी समस्या को दूर करने के लिए पूर्णिया पुलिस लाइन में बच्चों की देखभाल के लिए पालना घर की शुरुआत की गई है।

पूर्णिया पुलिस लाइन में इस पालना घर का विधिवत उद्घाटन पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने किया। इस पहल के बाद अब महिला पुलिसकर्मी निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी निभा सकेंगी, क्योंकि उनके छोटे बच्चों की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी पालना घर में ली जाएगी।

दरअसल, पूर्णिया पुलिस लाइन और आसपास के थानों में पदस्थापित ऐसी महिला पुलिसकर्मी, जिनके छोटे बच्चे हैं और जो ड्यूटी के दौरान उन्हें साथ लाने को मजबूर होती थीं, उन्हें इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा। शुक्रवार से ऑन-ड्यूटी महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए पालना घर को पूरी तरह शुरू कर दिया गया है।

महिला बैरक के एक बड़े हॉल में संचालित इस पालना घर में बच्चों के खेलने, सीखने और मनोरंजन की पूरी व्यवस्था की गई है। यहां बच्चों के लिए स्लाइड, झूले और खेल-कूद के कई साधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे समय का आनंदपूर्वक उपयोग कर सकें।

खेलने के साथ-साथ बच्चों के बौद्धिक विकास का भी पूरा ध्यान रखा गया है। अक्षर ज्ञान और शुरुआती पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे बच्चे सीखते हुए आगे बढ़ सकें। पालना घर को घर जैसा माहौल देने की पूरी कोशिश की गई है।

एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि बच्चों की विशेष देखभाल के लिए शिफ्ट वाइज महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साफ-सफाई के लिए होमगार्ड की महिला कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों से बच्चों की लगातार निगरानी की जाएगी।

कुल मिलाकर, यह पहल महिला पुलिसकर्मियों के लिए न सिर्फ सुविधा बल्कि सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।