गोपालगंज के प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे माता मंदिर चोरी कांड में पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। बीते 17-18 दिसंबर 2025 की रात मंदिर के गर्भगृह में हुई सनसनीखेज चोरी का अब पूरी तरह खुलासा कर दिया गया है। पुलिस ने चोरी हुए सोने-चांदी के सभी कीमती आभूषण बरामद कर लिए हैं और इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
इस चोरी में थावे माता का सोने का मुकुट, चांदी का हार, सोने का नेकलेस और छतरी चोरी कर ली गई थी, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश और आस्था से जुड़ी चिंता का माहौल बन गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी खुद मौके पर पहुंचे और विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया।
तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने इस कांड के मुख्य वांछित अभियुक्त शरीफ साई को उसके भोजपुरवा स्थित घर से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी के आभूषण उसके बथान के पास मिट्टी में गाड़कर छुपाए गए स्थान से बरामद किए गए। बरामद सामान में सोने के मुकुट का हिस्सा, छतरी, सोने के नेकलेस का आधा भाग और चांदी का हार शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया कि शरीफ साई के परिवार और परिचितों ने उसे शरण दी और चोरी का सामान छुपाने व बेचने की साजिश में सहयोग किया। इसी कड़ी में शरीफ आलम, चांद आलम, एक महिला सहयोगी और सिवान निवासी एजाज अली को भी गिरफ्तार किया गया। इस कांड में पहले ही तीन अन्य आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
एसपी विनय तिवारी ने बताया कि थावे मंदिर जिले की आस्था का केंद्र है और इस मामले में अब केवल आरोपियों को सजा दिलाना बाकी है। पुलिस स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द सख्त सजा दिलाने की तैयारी में है। थावे माता मंदिर चोरी कांड में पुलिस की यह कार्रवाई आस्था की जीत मानी जा रही है।