पटना में पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, महंगाई की आग में झुलसा आम आदमी का बजट
पटना में कीमतों में बदलाव के बाद अब पेट्रोल 105.53 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि मंगलवार को यह 105.23 रुपये था।
बढ़ती महंगाई के दौर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की रोजाना कीमतें आम आदमी की जेब पर सीधा और गहरा असर डालती हैं. ईंधन महज़ ऊर्जा का साधन नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था की नब्ज़ है. ट्रांसपोर्ट से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरतों तक, फ्यूल प्राइस में जरा-सी हरकत भी महंगाई के ग्राफ को ऊपर खिसका देती है. यही वजह है कि हर सुबह ठीक 6 बजे तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी होने वाले नए रेट पर देशभर की निगाहें टिकी रहती हैं.
पटना में कीमतों में बदलाव के बाद अब पेट्रोल 105.53 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि मंगलवार को यह 105.23 रुपये था। इसी तरह, डीजल की कीमत 91.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो सोमवार को 91.49 रुपये के स्तर पर थी। तेल विपणन कंपनियां हर सुबह 6 बजे दरों की समीक्षा करती हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें कई वैश्विक और स्थानीय कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की दरें, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स शामिल हैं। हालांकि, वैश्विक कीमतें स्थिर हैं, लेकिन घरेलू समायोजन के कारण दरों में यह उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
डीजल की कीमतों में वृद्धि विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि ये कृषि, माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन का मुख्य आधार है। जब डीजल महंगा होता है, तो लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की लागत बढ़ जाती है, जिससे अंततः फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान महंगे हो जाते हैं। इससे आम नागरिकों का मासिक बजट और अधिक प्रभावित हो जाता है