पटना विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2025-26 के लिए छात्र संघ चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सत्र 2024-25 के निर्वाचित छात्र संघ को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही कैंपस में राजनीति सरगर्मी शुरू हो गई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के लिए कौन खड़ा होगा?
छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष वाई. के. वर्मा की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पटना विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 की धारा 44(2) के तहत बने परिनियम के खंड 15(b) और 15(c) के आलोक में वर्तमान छात्र संघ को भंग किया गया है। इसे राजभवन (राज्यपाल सचिवालय) से भी मंजूरी मिल चुकी है।
पटना विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नमिता सिंह ने मंगलवार को चुनाव की समय-सारणी शेयर की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी शंकर कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत फरवरी के पहले हफ्ते से हो जाएगी। 6 फरवरी को पटना यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (प्रारंभिक मतदाता सूची) अपलोड होगी। इसके बाद 10 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। और फिर 28 फरवरी को मुख्य पदों और काउंसिल सदस्यों के लिए मतदान होगा। इसी दिन रिजल्ट भी जारी किया जाएगा।
छात्र संघ चुनाव में पांच प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस पदों के साथ काउंसिल सदस्यों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले PUSU चुनाव पिछले साल 29 मार्च, 2025 को आयोजित किए गए थे। इस बार भी चुनाव पूरी तरह से 'लिंगदोह कमेटी' की सिफारिशों और विश्वविद्यालय के परिनियमों के आधार पर संपन्न कराए जा
एंगे।