पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब तक पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद एसआईटी की जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी बड़े खुलासे या ठोस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की तख्तियां लेकर शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का साफ कहना है कि जब तक इस हॉस्टल को बुलडोजर से गिराने का नोटिस जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं का आरोप है कि जिन लोगों पर शक है, वे अब भी हॉस्टल में खुलेआम रह रहे हैं और दही-चूड़ा व दूध खाते नजर आ रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हॉस्टल के पीछे के दोनों गेट खुले हुए हैं और मेन गेट तक सील नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सरकार या प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेगा, तब तक वे यहां से हटने वाले नहीं हैं।
इधर, जब शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर जांच के लिए पुलिस की टीम पहुंची, तो स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुलिस वाहन को घेर लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
वहीं, इस मामले में सियासत भी तेज होती नजर आ रही है। जहानाबाद में ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू रूबी कुमारी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर 26 जनवरी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे खुद एक्शन लेंगी। उनके बयान के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। फिलहाल, सबकी निगाहें एसआईटी की जांच और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।