पटना NEET छात्रा मौत मामला: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को जमानत, CBI जांच जारी

पटना NEET छात्रा मौत मामला: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को जमानत, CBI जांच जारी

पटना NEET छात्रा मौत मामला: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को जमानत, CBI जांच जारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 16, 2026, 5:32:00 PM

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में अहम कानूनी मोड़ सामने आया है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को अदालत से जमानत मिल गई है। यह वही हॉस्टल है, जहां छात्रा रह रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास है, जो पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही है।

मनीष रंजन पर आरोप है कि उन्होंने घटना से जुड़े अहम साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की थी। छात्रा की मौत के तीन दिन बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जमानत याचिका के दौरान बचाव पक्ष ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2) का हवाला देते हुए ‘डिफॉल्ट बेल’ की मांग की थी। उनका तर्क था कि गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों की अवधि बीत जाने के बावजूद जांच एजेंसी ने आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है, इसलिए आरोपी को रिहा किया जाना चाहिए।

हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इस दलील का विरोध किया। विशेष लोक अभियोजक और पीड़िता पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया कि आरोपी की न्यायिक हिरासत की अवधि 90 दिन पूरी नहीं हुई थी, बल्कि यह 89 दिन ही थी। अदालत ने इस तथ्य को सही मानते हुए पहले डिफॉल्ट जमानत की मांग को खारिज कर दिया था।

विदित हो कि यह मामला 9 जनवरी का है, जब जहानाबाद की रहने वाली एक छात्रा पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अपने हॉस्टल में अचेत अवस्था में पाई गई थी। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या की दिशा में देखा गया था।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई। जांच के दौरान संबंधित हॉस्टल को सील कर दिया गया और कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। इस बीच, मामले की सुनवाई कर रही POCSO अदालत ने जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए एजेंसी को जल्द से जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।