पटना नगर निगम के कर्मी अब एक नई पहचान के साथ नजर आएंगे। निगम प्रशासन ने चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को नई वर्दी देने का फैसला किया है। होली के बाद स्थायी और दैनिक—दोनों तरह के कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रस्ताव को सशक्त स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है।
निगम के विभिन्न अंचलों और मुख्यालय में कार्यरत कुल 4866 चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाएंगे। इनमें 1025 स्थायी और 3841 दैनिक कर्मी शामिल हैं। निगम के नियमों के मुताबिक सभी कर्मचारियों को हर साल वर्दी उपलब्ध कराई जानी है, ताकि काम के दौरान एकरूपता और अनुशासन बना रहे।
पुरुष कर्मचारियों को दो सेट फुल पैंट-शर्ट और एक जोड़ी जूते दिए जाएंगे। वहीं महिला कर्मचारियों को दो साड़ी, दो पेटीकोट, दो ब्लाउज और एक जोड़ी जूते उपलब्ध कराए जाएंगे। निगम प्रशासन का कहना है कि वर्दी से कर्मचारियों की पहचान स्पष्ट होगी, जनता के बीच भरोसा बढ़ेगा और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में पेशेवर छवि मजबूत होगी।
खर्च की बात करें तो एक पुरुष कर्मचारी पर वर्दी और जूते सहित कुल 2,877 रुपये खर्च होंगे, जबकि एक महिला कर्मचारी पर 2,373 रुपये का अनुमान है। निगम में कार्यरत 4317 पुरुष कर्मियों पर लगभग 1.24 करोड़ रुपये और 549 महिला कर्मियों पर करीब 13.02 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
कुल मिलाकर वर्दी आपूर्ति पर करीब 1 करोड़ 37 लाख 22 हजार 786 रुपये खर्च होने की संभावना है। निगम प्रशासन का मानना है कि यह पहल न सिर्फ कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि शहर में सफाई व्यवस्था की पेशेवर छवि को भी नई मजबूती देगी।