पटना में नया कचरा नियम लागू: 4 रंग के डस्टबिन, अब चार कैटेगरी में अलग करना होगा कूड़ा

पटना शहर में अब हर घर, दुकान और बड़े संस्थानों के लिए कचरा फेंकने के मायने पूरी तरह बदल गए हैं.

पटना में नया कचरा नियम लागू: 4 रंग के डस्टबिन, अब चार कैटेगरी में अलग करना होगा कूड़ा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Apr 01, 2026, 12:28:00 PM

पटना शहर में अब हर घर, दुकान और बड़े संस्थानों के लिए कचरा फेंकने के मायने पूरी तरह बदल गए हैं.

पटना नगर निगम ने आज यानी 1 अप्रैल 2026 से ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स’ को सख्ती से लागू कर दिया है. नियम तोड़ने पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि सफाईकर्मी आपका कचरा लेने से भी मना कर देंगे.

अब पटना में किसी भी सार्वजनिक स्थान, पार्क या निजी मैदान में 100 से ज्यादा लोगों का इवेंट करना है, तो आपको कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को जानकारी देनी होगी.

आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कार्यक्रम के बाद निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निगम की गाड़ी को सौंपें. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आयोजकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

नए नियमों के मुताबिक, अब आपको अपने घर या संस्थान में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखने होंगे. हरे रंग में गीला कचरा (रसोई का सामान), नीले में सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज), लाल में सैनिटरी कचरा (डायपर, नैपकिन) और काले डस्टबिन में विशेष देखभाल वाला कचरा (बल्ब, दवाइयां, ई-वेस्ट) रखना अनिवार्य है.

सफाई गाड़ियों में भी अब ये चार अलग डिब्बे होंगे, और यदि आपने मिक्स कचरा दिया, तो गाड़ी उसे बिना लिए आगे बढ़ जाएगी.

जिन होटलों, अपार्टमेंट्स या मॉल्स से रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है, उन्हें अब खुद ही उसका निपटारा करना होगा. ऐसे संस्थानों को ‘थोक कचरा उत्पादक’ की श्रेणी में रखा गया है और उनके लिए निगम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है. होटल, अस्पताल, मॉल और अपार्टमेंट जैसे बड़े संस्थानों के लिए यह नियम और भी सख्त तरीके से लागू किया जाएगा.

उन्हें अपने परिसर के भीतर ही गीले कचरे से खाद या बायोगैस बनाने की तकनीक अपनानी होगी. सड़क पर कचरा फेंकने या उसे जलाने वालों पर अब ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा सकती है.