करीब एक दशक से अधिक समय तक जांच एजेंसियों को चकमा देने के बाद बिहार का कुख्यात अपराधी भोला सिंह आखिरकार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के हत्थे चढ़ गया। उसे गुजरात के सूरत शहर से पकड़ा गया है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े पुराने मामले में की गई है, जिसमें आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
दरअसल, जुलाई 2014 में कोलकाता के दो निवासी अचानक लापता हो गए थे। शुरुआती जांच पश्चिम बंगाल पुलिस ने की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता हाई कोर्ट के निर्देश पर 2015 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच एजेंसी के सक्रिय होते ही भोला सिंह भूमिगत हो गया और लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। उसने ‘अमित शर्मा’ नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सूरत में रहकर सामान्य जीवन जी रहा था। सीबीआई को जैसे ही उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली, टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर उसे उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
भोला सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। बिहार के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, अवैध हथियार और विस्फोटक रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। बताया जाता है कि उसने कभी सीआरपीएफ कमांडो की ट्रेनिंग भी ली थी, जिसके बाद वह और अधिक खतरनाक बन गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोलकाता लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सीबीआई अब उसे रिमांड पर लेकर इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने की तैयारी में है।