आयुष्मान योजना में नई दरें लागू: किडनी पथरी के इलाज के लिए अब मिलेंगे 46,000 रुपये, सर्जरी की राशि में भी भारी बढ़ोतरी

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब आयुष्मान कार्ड के जरिए होने वाले इलाज पर पहले की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया जाएगा। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने इलाज की दरों में बढ़ोतरी का

आयुष्मान योजना में नई दरें लागू: किडनी पथरी के इलाज के लिए अब मिलेंगे 46,000 रुपये, सर्जरी की राशि में भी भारी बढ़ोतरी
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 18, 2025, 11:38:00 AM

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब आयुष्मान कार्ड के जरिए होने वाले इलाज पर पहले की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया जाएगा। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने इलाज की दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है, जिसे भारत सरकार की सहमति के बाद लागू कर दिया गया है।

इस नए निर्णय के तहत अब गॉल ब्लाडर के ऑपरेशन पर सरकार 32 हजार रुपये का भुगतान करेगी। इससे पहले इस ऑपरेशन के लिए 22 हजार 800 रुपये दिए जाते थे। यानी अब इसमें 9 हजार 200 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के साथ-साथ अस्पतालों को भी राहत मिलेगी।

इसी तरह किडनी में पथरी के इलाज की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले जहां इस इलाज के लिए 35 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था, अब सरकार 46 हजार रुपये तक की राशि देगी। यानी इस मद में 11 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा लगभग सभी प्रकार की सर्जरी में इलाज की राशि में औसतन 35 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

हालांकि मोतियाबिंद के ऑपरेशन की राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन अन्य जटिल और महंगे इलाजों में बढ़ी हुई दरें मरीजों के लिए काफी मददगार साबित होंगी।

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा ने बताया कि यह फैसला मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कई मरीजों और अस्पतालों की ओर से यह शिकायत आ रही थी कि कम राशि मिलने के कारण इलाज में परेशानी होती है। इन समस्याओं को देखते हुए इलाज की दरों में संशोधन किया गया है।

इस पहल से आयुष्मान भारत योजना और अधिक प्रभावी होगी और राज्य के गरीब व जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।