पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) की शुरुआती रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। छात्रा के कपड़ों से मिला स्पर्म 18 से 21 साल के किसी युवक का बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसी आधार पर अब SIT ने जांच की रफ्तार और तेज कर दी है।
SIT इस एज ग्रुप के संदिग्धों का DNA टेस्ट कराने की तैयारी में जुट गई है। अब तक जांच एजेंसी 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी है। इनमें छात्रा के परिवार के 5 सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले लोग, परिजन और करीबी सभी जांच के दायरे में हैं।
इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है, जिससे साफ है कि SIT किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। जांच एजेंसियां हर उस व्यक्ति की भूमिका खंगाल रही हैं, जो छात्रा के संपर्क में रहा है।
DNA जांच के साथ-साथ SIT छात्रा की पिछले 11 दिनों की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन और मोबाइल सर्च हिस्ट्री की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा के साथ क्या हुआ, कब हुआ और कहां हुआ।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि छात्रा की सबसे ज्यादा बातचीत किससे हुई थी और वह किन जगहों पर सबसे अधिक समय तक मौजूद रही। मोबाइल लोकेशन और कॉल डेटा से कई अहम कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है।
FSL की रिपोर्ट में स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान इस केस का सबसे मजबूत आधार बन गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी DNA प्रोफाइल मैच हो जाती है, तो पूरा मामला साफ हो जाएगा और दोषियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। SIT का दावा है कि जांच पूरी निष्पक्षता और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।