नए साल के पहले दिन बिहार में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। राजधानी पटना समेत राज्य के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोगों ने नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ की।
पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर के पट सुबह 5 बजे ही खोल दिए गए थे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, दो किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी हुई है और दोपहर 3 बजे तक 2 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
वहीं पटना के इस्कॉन मंदिर को करीब 8 टन फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ है और भजन-कीर्तन का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु भगवान कृष्ण से नए साल में सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
राजगीर के प्रसिद्ध ब्रह्मकुंड में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। यहां 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड में स्नान किया। गोपालगंज के थावे मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग माता से आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
उधर, वैशाली के ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप को देखने के लिए चीन और जापान से विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। नए साल पर बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को नजदीक से देखने का यह खास अवसर बना है।
हालांकि नए साल का जश्न मनाने पहुंचे कुछ लोगों को निराशा भी हाथ लगी। पटना के दीघा घाट और बेगूसराय के कांवर झील पर बोटिंग बंद रहने के कारण पर्यटक मायूस नजर आए।
पटना सिटी के तख्त श्री हरमंदिर साहब गुरुद्वारे में नए साल के मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। प्रबंधन कमेटी के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सुबह से ही लोगों के दर्शन के लिए दरबार साहब का मुख्य द्वार खोल दिया गया था। दोपहर तक लगभग 20000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।