नायक फिल्म जैसी पहल: बिहार की बेटी बनेगी एक दिन की मुखिया, विकासत्माक योजनाओं पर लगाएंगी मुहर

बिहार में लड़कियों के सशक्तिकरण और ग्रामीण नेतृत्व को नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल शुरू होने जा रही है। यह पहल कुछ हद तक फिल्म नायक की कहानी को हकीकत में उतारती हुई नजर आती है

नायक फिल्म जैसी पहल: बिहार की बेटी बनेगी एक दिन की मुखिया, विकासत्माक योजनाओं पर लगाएंगी मुहर
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 22, 2026, 2:22:00 PM

बिहार में लड़कियों के सशक्तिकरण और ग्रामीण नेतृत्व को नई दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल शुरू होने जा रही है। यह पहल कुछ हद तक फिल्म नायक की कहानी को हकीकत में उतारती हुई नजर आती है। पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड स्थित गोढ़वा ग्राम पंचायत में इस बार 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार एक किशोरी को एक दिन के लिए पंचायत मुखिया बनाया जाएगा।


चयनित किशोरी न केवल तिरंगा फहराएगी, बल्कि ग्राम सभा की अध्यक्षता भी करेगी और पंचायत की विकास योजनाओं की समीक्षा कर उन पर अपनी राय रखेगी। इस अनोखे प्रयोग का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ देना और ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना है। इससे न सिर्फ चयनित किशोरी बल्कि गांव की अन्य लड़कियां भी प्रेरित होंगी और सामाजिक व सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आगे आएंगी।

इस प्रतियोगिता के लिए पंचायत क्षेत्र की कक्षा 6 से 9 तक की किशोरियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें अब तक 50 से अधिक आवेदन गूगल डॉक के माध्यम से प्राप्त हो चुके हैं। लिखित परीक्षा के जरिए चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। तीन सदस्यीय जूरी में आईसीडीएस डीपीओ विनिता कुमारी, सी-थ्री कोऑर्डिनेटर आदित्य विशाल और मध्य विद्यालय चिरैया के प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश शामिल हैं।प्रतियोगिता में तीन किशोरियों का चयन किया जाएगा।

 प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली किशोरी को एक दिन की मुखिया बनने का अवसर मिलेगा, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली किशोरियां ग्राम सभा में सुझाव देंगी और योजनाओं का निरीक्षण करेंगी। सभी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

पंचायत मुखिया राजू बैठा ने बताया कि इस पहल का विचार उन्हें हैदराबाद में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘आधी आबादी’ को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के विजन से प्रेरित होकर 15 अगस्त को ग्राम सभा में इसका प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।