नालंदा में मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया। शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ में 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश मृतक नालंदा जिले के ही निवासी बताए जा रहे हैं। इस हादसे में एक पुरुष की भी मौत हुई है, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और इस मामले में बड़ा एक्शन लिया गया। पुलिस ने मंदिर से जुड़े चार पुजारियों—अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे और निरंजन कुमार पांडे—को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही दीपनगर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, मंदिर प्रबंधन पर भी शिकंजा कसा गया है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत कुल 20 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन का मानना है कि भीड़ प्रबंधन में भारी लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह बनी।
इस बीच बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर रणवीर नंदन ने बुधवार को मंदिर का दौरा किया। उन्होंने साफ कहा कि इस घटना के पीछे प्रबंधन की बड़ी चूक रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मंदिरों का पंजीकरण और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था जरूरी होगी।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेता है और आगे ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।