ई-केवाईसी में चूक पड़ेगी भारी! बिहार में लाखों राशन कार्ड धारकों के नाम कटने की तैयारी

ई-केवाईसी में चूक पड़ेगी भारी! बिहार में लाखों राशन कार्ड धारकों के नाम कटने की तैयारी

ई-केवाईसी में चूक पड़ेगी भारी! बिहार में लाखों राशन कार्ड धारकों के नाम कटने की तैयारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 21, 2026, 1:54:00 PM

बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े लाभुकों के लिए एक अहम और चिंताजनक बदलाव सामने आया है। राज्य सरकार ने आधार सत्यापन और ई-केवाईसी से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राशन कार्ड सूची की बड़े पैमाने पर समीक्षा शुरू कर दी है। इसका असर यह हो सकता है कि लाखों लोगों को सस्ते या मुफ्त अनाज की सुविधा से बाहर होना पड़े।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, जिन लाभार्थियों का आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक नहीं है या जिनके रिकॉर्ड में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, उनके नाम हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद फर्जी और अपात्र लाभुकों को सिस्टम से अलग कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।

प्रारंभिक आकलन में राज्य के सभी 38 जिलों में लगभग 52 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। ये वे मामले हैं जहां या तो आधार उपलब्ध नहीं कराया गया है या सत्यापन के दौरान डेटा मेल नहीं खाने के कारण आवेदन खारिज हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 5.92 करोड़ कार्डधारकों का आधार सत्यापन सफलतापूर्वक हो चुका है, जबकि लगभग 6.74 करोड़ पीडीएस लाभार्थियों का आधार लिंकिंग अभी भी लंबित है, जो विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

अगर जिलों की स्थिति देखें तो राजधानी पटना सबसे आगे है, जहां करीब 2.96 लाख लोगों का सत्यापन असफल रहा है। इसके बाद दरभंगा (2.64 लाख), वैशाली (2.43 लाख), नालंदा (2.29 लाख), पूर्वी चंपारण (2.21 लाख) और पश्चिम चंपारण (2.06 लाख) में भी बड़ी संख्या में नाम कटने की संभावना है। उत्तर बिहार और मिथिलांचल के अन्य जिलों—मधुबनी, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर—में भी लाखों लाभार्थियों का डेटा रिजेक्ट किया गया है।

हालांकि, सभी के लिए तस्वीर नकारात्मक नहीं है। विभागीय रिपोर्ट बताती है कि बड़ी संख्या में लोगों का आधार सत्यापन पूरी तरह सही पाया गया है और उनका राशन कार्ड फिलहाल सुरक्षित है। सफल सत्यापन के मामलों में मुजफ्फरपुर (30.4 लाख), पूर्वी चंपारण (28.6 लाख), पटना (27.3 लाख), मधुबनी (26.9 लाख) और समस्तीपुर (25.7 लाख) जैसे जिले प्रमुख हैं।

सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी या आधार लिंकिंग अधूरी है, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जा सकता है। लेकिन तय समय सीमा के बाद कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में राशन कार्ड धारकों के लिए सतर्क रहना और अपने दस्तावेज जल्द दुरुस्त कराना बेहद जरूरी हो गया है।