बिहार में प्री-मानसून की दस्तक के साथ मौसम ने अचानक अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम के मिजाज में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार देर रात आई भीषण आंधी, तूफान और ओलावृष्टि ने खासकर कोसी और उत्तर बिहार के इलाकों में भारी तबाही मचाई है।
सीतामढ़ी में बिजली गिरने और ओलों की चपेट में आने से डेढ़ साल की मासूम बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए। वहीं कोसी क्षेत्र के कई जिलों में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ओलावृष्टि ने गेहूं, मक्का और लीची जैसी फसलों को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
सहरसा में तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण कई घरों की छतें उड़ गईं। सिमरी बख्तियारपुर में SDPO आवास की दीवार गिरने से गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। सुपौल में तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को पूरी तरह बिछा दिया, जबकि कई जगह मवेशियों की मौत की भी खबर सामने आई है।
इस प्राकृतिक कहर के बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अगले 3 से 4 दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी और बढ़ेगी। रोहतास का डेहरी 37.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।
हालांकि, इसके बाद एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि गर्मी बढ़ने के बाद राज्य में फिर से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। बिहार में मौसम का यह बदलता मिजाज फिलहाल राहत से ज्यादा चुनौती बनता नजर आ रहा है।