लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने महिला रोजगार योजना को लेकर एक बार फिर नीतीश सरकार पर हमला बोला है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि बिहार में एनडीए नेताओं और अधिकारियों को रिश्वत देकर वोट खरीदने का काम किया
बिहार सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वरोजगार योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹10,000 की आर्थिक सहायता देकर उन्हें छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना था। हालांकि अब इस योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दावा किया है कि योजना की राशि कई मामलों में महिला लाभार्थियों के बजाय पुरुषों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। राजद की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि चुनावी जल्दबाजी के चलते सरकार ने लाभार्थियों की सही जांच-पड़ताल नहीं की। इसी लापरवाही के कारण योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है।
राजद का आरोप है कि इस तरह की गड़बड़ियों से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की इस योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरजेडी ने शनिवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस संबंध में पोस्ट किया। पार्टी ने दो जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक द्वारा लिखे गए दो पत्रों के फोटो पोस्ट किए हैं। इनमें दरभंगा जिले के दो व्यक्तियों से 10000 रुपये वापस सरकारी खाते में जमा करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ केवल जीविका से जुड़ी महिलाओं को ही मिलना है। तकनीकी त्रुटी की वजह से योजना की राशि गलती से उनके खाते में चली गई थी।
आरजेडी ने इस पोस्ट में लिखा कि बिहार में भुखमरी, महंगाई, पलायन और बेरोजगारी इतनी अधिक है कि ये रुपये जब सरकार ने लोगों के खाते में डाले होंगे, तभी खर्च हो गए होंगे। पुरुष अब यह लोन राशि बिल्कुल भी नहीं लौटाएंगे। पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा, “ईवीएम धांधली, वोट खरीदी, वोट चोरी और मशीनरी से बनाई सरकारों को कितने दिन छुपाओगे? सच एक दिन बाहर निकलेगा।”
सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि किसी खाते में गलती से राशि चली गई है, तो उसे नियमानुसार वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। एनडीए नेताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष मुद्दों से भटकाने और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि विकास और कल्याण योजनाओं के मोर्चे पर उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है