बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों में नए सत्र 2026-27 में अब केवल एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से मान्यता प्राप्त वोकेशनल (व्यावसायिक) कोर्सों में ही दाखिला लिया जा सकेगा। राज्य के अलग-अलग विवि में लगभग 50 हजार सीटों पर दाखिला होता है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किया है कि बिना मान्यता वाले कोर्सों में नामांकन लेने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र भेजा गया है
पत्र में कहा गया है कि कई महाविद्यालय बिना आवश्यक मान्यता के व्यावसायिक पाठ्यक्रम चला रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन संस्थानों के पास आवश्यक आधारभूत संरचना, प्रयोगशाला और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता नहीं है, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप सीटों में कमी करें या नामांकन प्रक्रिया ही रोक दें
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वोकेशनल कोर्सों में भी राज्य सरकार की आरक्षण नीति का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। नामांकन से पहले पारदर्शी तरीके से मेधा सूची तैयार कर उसे संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज की वेबसाइट पर डालना होगा
इसके साथ ही, विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहले अपने-अपने अधीनस्थ कॉलेजों में संचालित व्यावसायिक कोर्स की सीट संख्या का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदित कराएं। निर्धारित सीट से अधिक नामांकन लेने पर उसे अवैध माना जाएगा और नामांकन रद्द कर दिए जाएंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विवि प्रशासन को यह भी निर्देश दिया जाता है कि अंगीकृत महाविद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीट निर्धारण के संदर्भ में अपनी अनुशंसा सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदित करा, उच्च न्यायालय के न्यायादेश द्वारा निर्धारित समय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ताकि विवि अधिनियम 1976 की धारा 61 (2) का अनुपालन करते हुए समय पर व्यावसायिक कोर्स के लिए सीटों के निर्धारण के साथ-साथ संचालन की अनुमति प्रदान की जा सके।