होली जैसे बड़े त्योहार पर अपने घर लौटने की चाह रखने वाले परदेसियों के लिए इस बार सफर आसान नहीं, बल्कि किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हो गया है। खासकर बिहार आने वालों के लिए हवाई किराए ने आसमान छू लिया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों से पटना की उड़ानें इतनी महंगी हो गई हैं कि कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी इसके सामने सस्ती लग रही हैं।
सबसे चौंकाने वाली तुलना मुंबई से पटना और दिल्ली से सिंगापुर की उड़ानों की है। जहां IndiGo की दिल्ली से सिंगापुर की फ्लाइट का किराया लगभग 15,497 रुपये बताया जा रहा है, वहीं मुंबई से पटना की सीधी फ्लाइट 17,000 रुपये के पार पहुंच चुकी है। यानी घरेलू सफर अंतरराष्ट्रीय यात्रा से भी महंगा पड़ रहा है। आम दिनों में जो टिकट 7 से 8 हजार रुपये में मिल जाता था, वह अब दोगुने से ज्यादा कीमत पर बिक रहा है।
केवल मुंबई ही नहीं, दिल्ली से पटना की फ्लाइट का किराया भी 4-5 हजार से बढ़कर 13,000 रुपये तक पहुंच गया है। बेंगलुरु और चेन्नई से आने वाले आईटी प्रोफेशनल्स को भी 15,000 रुपये से अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। खासकर 1 और 2 मार्च की तारीखों पर भारी दबाव है, क्योंकि ज्यादातर लोग होली से ठीक पहले घर पहुंचना चाहते हैं।
हवाई किराए में इस बेतहाशा बढ़ोतरी की बड़ी वजह ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है। दिल्ली और मुंबई से पटना आने वाली प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनें जरूर चलाई हैं, लेकिन यात्रियों की भीड़ के सामने वे नाकाफी साबित हो रही हैं।
अब सरकार करीब 200 होली स्पेशल बसें चलाने की तैयारी में है, ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके। लेकिन जो लोग समय बचाने के लिए हवाई सफर चुन रहे हैं, उनके लिए इस बार की होली सचमुच ‘लग्जरी होली’ बनती नजर आ रही है।
सवाल यह है कि क्या त्योहार के मौके पर बढ़ती मांग के नाम पर इस तरह की कीमतें वाजिब हैं? सोशल मीडिया पर लोग नाराजगी जता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकार और एयरलाइंस इस पर ध्यान दें। फिलहाल, घर लौटने की खुशी महंगे सफर के बोझ तले दबती नजर आ रही है।