सीट बेल्ट बांध लीजिए..महज इतने रूपये में हेलीकॉप्टर से घूमिए पूरा पटना
बिहार में पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी है। 15 जुलाई से आम लोग भी हेलीकॉप्टर से पटना और बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई दर्शन कर सकेंगे।
बिहार में पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी है। 15 जुलाई से आम लोग भी हेलीकॉप्टर से पटना और बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई दर्शन कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि सब्सिडी के कारण यह सुविधा अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध होगी। इससे पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार सरकार 15 जुलाई से हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा शुरू करने जा रही है। इसके तहत लोग मात्र 2100 रुपये में हेलीकॉप्टर से पटना शहर का हवाई भ्रमण कर सकेंगे। CMO Bihar Samrat Choudhary ने सोमवार को पटना में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन समारोह में यह घोषणा की।
अब तक हेलीकॉप्टर यात्रा आम लोगों की पहुंच से दूर मानी जाती रही है। नई योजना का उद्देश्य पर्यटन को आम नागरिकों तक पहुंचाना है। सरकार का मानना है कि कम कीमत पर हवाई सैर की सुविधा मिलने से बड़ी संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे।
पटना के अलावा राज्य के प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के लिए भी हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें शामिल हैं-राजगीर, मुंडेश्वरी माता मंदिर, तुतला भवानी मंदिर, तुतला क्षेत्र के जलप्रपात, वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व। इन स्थलों के हेलीकॉप्टर भ्रमण के लिए लगभग 6000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में राज्य सरकार भी आर्थिक सहयोग देगी ताकि पर्यटकों को कम लागत पर यह सुविधा मिल सके। सरकार का लक्ष्य बिहार के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई पर्यटन सेवा शुरू होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। स्थानीय कारोबार को लाभ मिलेगा। होटल, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। बिहार की सकारात्मक छवि देशभर में मजबूत होगी।
बिहार में राजगीर, वाल्मीकिनगर, कैमूर और कई धार्मिक स्थल वर्षों से पर्यटन की अपार संभावनाएं रखते हैं। हवाई पर्यटन शुरू होने से इन स्थलों तक पहुंच आसान होगी और पर्यटक कम समय में अधिक स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे। बिहार अब केवल इतिहास और विरासत का राज्य नहीं, बल्कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 15 जुलाई से शुरू होने वाली हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा इसी बदलाव का नया प्रतीक बन सकती है।