मंगलवार को बिहार में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। खगड़िया, मुंगेर, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत 12 से ज्यादा जिलों में पार्टी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतर आए। जगह-जगह रैलियां निकाली गईं और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
समस्तीपुर में प्रदर्शन का दृश्य सबसे अलग रहा, जहां महिला कार्यकर्ता हाथों में खाली गैस सिलेंडर लेकर सड़कों पर उतरीं। कई महिलाएं सिलेंडर को सिर पर रखकर विरोध जताती नजर आईं। उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और गैस की कालाबाजारी रोकने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि आम जनता को घंटों लाइन में खड़ा रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे घर-घर में परेशानी बढ़ती जा रही है।
समस्तीपुर, आरा, बेगूसराय और औरंगाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया गया। कार्यकर्ताओं ने ‘नरेंद्र मोदी शर्म करो’ और ‘सिलेंडर की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
मुजफ्फरपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश साफ दिखाई दिया। शहर के सरायगंज टावर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां भी पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गैस की कमी और पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रही है।
समस्तीपुर में इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मद अबू तमीम ने किया। वहीं नालंदा में भी महंगाई और गैस संकट के खिलाफ कांग्रेस ने विरोध मार्च निकाला और सरकार से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की।