बिहार की राजधानी पटना में आज किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर की चर्चा होने जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा (बिहार इकाई) के नेतृत्व में आयोजित ‘किसान संसद’ में विभिन्न राज्यों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि और प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन को किसानों की आवाज को एकजुट कर सरकार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़े संकटों पर सामूहिक रणनीति तैयार करना है। आयोजकों के मुताबिक, यह मंच किसानों के अधिकारों की मजबूती के लिए एक साझा पहल है, जिसमें “खेत-खेती और गांव बचाओ, किसान बचाओ, देश बचाओ” जैसे संदेश के साथ व्यापक चर्चा की जाएगी।
पटना के आईएमए हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए किसान नेता यहां कृषि से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्ज माफी, और कृषि कानूनों से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा, मौजूदा कृषि नीतियों के प्रभाव और किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
इस आयोजन को सफल बनाने में राष्ट्रीय जनता दल के बक्सर सांसद सुधाकर सिंह की भूमिका अहम मानी जा रही है। उनके प्रयासों से इस ‘किसान संसद’ को एक बड़े सामाजिक-राजनीतिक मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां से किसानों के मुद्दों को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।