बिहार के गयाजी शहर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने जिलाधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर एक पूर्व जनप्रतिनिधि को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि समय रहते सतर्कता बरतने से यह बड़ी ठगी टल गई।
यह मामला चंदौती थाना क्षेत्र के अलीगंज रोड नंबर एक का है, जहां के निवासी और पूर्व जिला पार्षद मोहम्मद इदरीश खान के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को गया का जिलाधिकारी बताते हुए बातचीत शुरू की। ठगों ने इदरीश खान के पुत्र मोहम्मद नियाजी द्वारा खरीदी गई जमीन का जिक्र किया और उसी को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, कॉल करने वालों ने एक अन्य व्यक्ति को भी कॉल पर जोड़ दिया, ताकि पूरे मामले को गंभीर और डरावना दिखाया जा सके। बातचीत के दौरान इस्तेमाल की जा रही भाषा और व्यवहार से इदरीश खान को संदेह हुआ। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए किसी भी तरह की जानकारी साझा करने या लेनदेन से साफ इनकार कर दिया।
पूर्व जिला पार्षद ने तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दी, जिससे साइबर ठगों की यह कोशिश नाकाम हो गई। इस मामले की पुष्टि करते हुए गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत करा दिया गया है। पुलिस ने प्राथमिक शिकायत दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जिस मोबाइल नंबर से कॉल किया गया था, वह ट्रूकॉलर पर नासिर खान के नाम से दिख रहा है, हालांकि पुलिस इस नाम और नंबर की वास्तविकता की भी जांच कर रही है। साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है और इसे संगठित साइबर ठगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि साइबर अपराधी अब अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।