बिहार में दूसरी इंटर स्तरीय भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। भर्ती में देरी और 25 अंक अतिरिक्त वेटेज के प्रस्ताव ने हजारों युवाओं को चिंता में डाल दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया बार-बार टलने से उनका मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
मामला Bihar Staff Selection Commission से जुड़ा है, जहां संविदा कर्मियों को 25 अंक अतिरिक्त वेटेज देने की चर्चा ने विवाद खड़ा कर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो सामान्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा और मेरिट सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है और नई व्यवस्था के जरिए कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। अभ्यर्थियों का दावा है कि पिछली भर्ती भी आंदोलन और दबाव के बाद ही आगे बढ़ी थी और 2022 में नियुक्ति पूरी हो सकी थी। अब उन्हें डर है कि दूसरी भर्ती भी उसी तरह लंबी खिंच सकती है।
उम्मीदवारों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब Union Public Service Commission और Bihar Public Service Commission जैसी प्रमुख परीक्षाओं में अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था नहीं है, तो इस भर्ती में ऐसा नियम क्यों बनाया जा रहा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि पारदर्शिता और समान अवसर ही किसी भी भर्ती प्रक्रिया की आधारशिला होती है, और इससे समझौता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं