बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है। प्रदेश में पछुआ हवा के तेज बहाव ने ठंड को और भी हाड़ कंपाने वाला बना दिया है। शनिवार को बिहार के सात जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
पिछले 24 घंटों में गया जिला प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं राजधानी पटना में भी पछुआ हवाओं की वजह से कनकनी बढ़ गई है। जहानाबाद में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग ने आज बिहार के 32 जिलों में कोल्ड डे और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक दिन और रात दोनों समय ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
घने कोहरे का असर यातायात पर भी साफ देखा गया। बीते 24 घंटों में कोहरे के कारण 22 फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस दिल्ली से पटना पहुंचने में 25 घंटे लेट रही, जबकि तेजस और राजधानी एक्सप्रेस करीब 13 घंटे की देरी से पटना पहुंचीं।
पटना मौसम विभाग के अनुसार, नए साल की शुरुआत भी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच होगी। हालांकि दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ठंड से खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। हिमालय की तलहटी से बह रही ठंडी पछुआ हवाएं और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने ठंड को और बढ़ा दिया है। साथ ही जेट स्ट्रीम की सर्द हवाएं दिन-रात लोगों को ठिठुरन का एहसास करा रही हैं।