CM सम्राट चौधरी की समीक्षा बैठक, जल आपूर्ति को एक-एक घंटा बढ़ाने का आदेश, AI से शिकायतों का जल्द करें समाधान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक की। सीएम ने हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक की। सीएम ने हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही जहां आवश्यकता है वहां 30 जून के पहले नये चापाकल लगाने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति से संबंधित लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा।
बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार ने विभाग के कार्यों की स्थिति और भावी कार्य योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जलापूर्ति योजना का संचालन, रख-रखाव, सम्पोषण, पेयजल गुणवत्ता की जांच आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को हर घर नल का जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति की समय-सीमा को सुबह और शाम एक-एक घंटा और बढ़ायें ताकि पेयजल की उपलब्धता निरंतर सभी के लिये बनी रहे। उन्होंने कहा कि पेयजल गुणवत्ता की निगरानी एवं पर्यवेक्षण लगातार करते रहें। शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता एवं उसकी आपूर्ति निरंतर बनी रहे इसके लिये प्रत्येक दो-तीन माह पर पंचायतवार जांच कराते रहें। वार्ड स्तर पर भी इसका निरीक्षण कराते रहें। पेयजल आपूर्ति से संबंधित लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करें। इसके लिये ए०आई० का भी उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलापूर्ति उपकरण की मरम्मती एवं अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दें। जहां आवश्यकता है वहां 30 जून के पहले नये चापाकल लगायें। भू-जल संरक्षण को लेकर जो योजनायें चलायी जा रही हैं उसे बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। भू-जल स्तर की लागातार विभाग मॉनीटरिंग कराते रहे और उसके अनुरूप कार्य योजना बनाकर काम करे।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक
हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुख्यमंत्री का निर्देश
हर घर नल का जल योजना के तहत की जानेवाली शुद्ध पेयजल आपूर्ति की समय-सीमा सुबह और शाम एक-एक घंटा और बढ़ायें ताकि सभी के लिये उपलब्धता निरंतर बनी रहे।
पेयजल आपूर्ति से संबंधित लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करें। इसके लिये ए०आई० का भी उपयोग करें।
शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता एवं उसकी आपूर्ति निरंतर बनी रहे इसके लिये प्रत्येक दो-तीन माह पर पंचायतवार जांच कराते रहें।
जहां आवश्यकता है वहां 30 जून के पहले नये चापाकल लगायें।
भू-जल संरक्षण को लेकर जो योजनायें चलायी जा रही हैं उसे बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें।