मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार की जनता के बीच जाने की तैयारी में हैं। इसी महीने प्रस्तावित मुख्यमंत्री की राज्यव्यापी यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा की तिथि और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द किए जाने की संभावना है।
विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बड़ी राज्यव्यापी यात्रा होगी। इस यात्रा को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के अलग–अलग जिलों में पहुंचकर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य पिछली प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों और लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करना है। जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकार्पण भी करेंगे, जबकि अधूरी योजनाओं की स्थिति पर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम लोगों से सीधा संवाद भी करेंगे। जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए वे लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे सकते हैं। इसके साथ ही चुनाव में भारी समर्थन और जीत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य की जनता के प्रति आभार भी व्यक्त करेंगे।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री 14 जनवरी, मकर संक्रांति के बाद अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं। यात्रा को लेकर राज्य के सभी जिलों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिलों के डीएम और एसपी को सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिलावार कार्यक्रम स्थलों का चयन भी किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह यात्रा विकास, समीक्षा और जनसंवाद का बड़ा मंच बनने जा रही है, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।