मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज उद्योग विभाग की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं। यह बैठक 1 अणे मार्ग स्थित सीएम आवास परिसर में सुबह 11 बजे से शुरू हुई, जिसमें राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत बनाने से जुड़े सभी अहम पहलुओं पर चर्चा जारी है। समीक्षा के दौरान राज्य में मौजूद उद्योगों की स्थिति, निवेश बढ़ाने के उपाय, लंबित परियोजनाओं की रफ्तार और भविष्य की औद्योगिक रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल, विभाग के प्रधान सचिव, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि हाल के वर्षों में किन क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हुए, किस सेक्टर में आगे निवेश की संभावना है, कौन-सी परियोजनाएं धीमी हैं और उन्हें तेज करने के लिए क्या कदम जरूरी हैं।
राज्य में चल रही औद्योगिक योजनाओं की प्रगति
बिहार में नए निवेश को आकर्षित करने की रणनीतियाँ
MSME क्षेत्र को मजबूत बनाने की पहल
औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा
रोजगार बढ़ाने वाली परियोजनाओं का मूल्यांकन
नई औद्योगिक नीति के प्रारूप पर शुरुआती चर्चा
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उद्योग स्थापना से जुड़े प्रक्रियाओं को सरल किया जाए, मंजूरी में हो रही देरी को समाप्त किया जाए और निवेशकों को अधिक सुविधाजनक माहौल प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार लगातार विभागीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से शासन और विकास कार्यों में तेजी लाने की कोशिश कर रही है। उद्योग विभाग की यह बैठक उसी प्रयास का महत्वपूर्ण भाग मानी जा रही है। उम्मीद है कि बैठक के बाद सरकार कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों या घोषणाओं को सार्वजनिक कर सकती है।