छात्र नेता दिलीप की मांग- सरकारी नौकरियों में धांधली-सेटिंग और पेपरलीक कराने वाले माफियाओं के घर बुलडोजर कब चलेगा

हर साल, लाखों युवा सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक और धांधली के कारण उनके सपने टूट जाते हैं। इस मुद्दे पर बिहार के जाने-माने छात्र नेता दिलीप कुमार ने एक बड़ा बयान दिया है,

छात्र नेता दिलीप की मांग- सरकारी नौकरियों में धांधली-सेटिंग और पेपरलीक कराने वाले माफियाओं के घर बुलडोजर कब चलेगा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 16, 2025, 1:18:00 PM

हर साल, लाखों युवा सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक और धांधली के कारण उनके सपने टूट जाते हैं। इस मुद्दे पर बिहार के जाने-माने छात्र नेता दिलीप कुमार ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार की कार्रवाई पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा: "सरकारी ज़मीन पर बने घर पर तो बुलडोजर चल रहा है लेकिन सरकारी नौकरियों में धांधली-सेटिंग और पेपरलीक कराने वाले माफियाओं तथा इससे सरकारी नौकरी पाने वालों के घर एवं अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कब चलेगा? माफियाओं को संरक्षण देने वाले नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?"

क्या है मामला? दिलीप कुमार का यह बयान कई राज्यों में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली की घटनाओं के संदर्भ में आया है। बिहार समेत कई राज्यों में BPSC, सिपाही भर्ती और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।

युवाओं की मांग: दिलीप कुमार की यह मांग लाखों उन बेरोजगार युवाओं की आवाज़ है, जो चाहते हैं कि केवल छोटे मोहरों पर नहीं, बल्कि इस भ्रष्टाचार के पूरे सिंडिकेट पर कठोरतम कार्रवाई हो।

 हालांकि, कई पेपर लीक मामलों में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कुछ माफियाओं को गिरफ्तार किया है और उनकी संपत्तियों की जांच भी की जा रही है, लेकिन छात्र नेता और अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि दोषियों की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने जैसा सख्त एक्शन लिया जाए, जैसा कि कुछ अन्य राज्यों में देखने को मिला है।

राजनीतिक संरक्षण पर सवाल: दिलीप कुमार ने माफियाओं को संरक्षण देने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग करके राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि जब तक इन माफियाओं के राजनीतिक संरक्षक को नहीं पकड़ा जाएगा, तब तक यह सिंडिकेट खत्म नहीं होगा।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन माफियाओं पर सरकार क्या रुख अपनाती है, यह देखने वाली बात होगी। क्या सरकार जल्द ही सख्त एक्शन लेते हुए इन अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की मांग पूरी करेगी?