चैती छठ की शुरुआत नहाय-खाय से, घाटों पर उमड़े व्रती, गंगा स्नान कर लिया संकल्प

आज से नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व की पावन शुरुआत हो गई है। भरणी नक्षत्र और वैधृति योग के शुभ संयोग में शुरू हुआ यह चार दिवसीय अनुष्ठान आस्था, संयम और पवित्रता का अद्भुत संगम है।

चैती छठ की शुरुआत नहाय-खाय से, घाटों पर उमड़े व्रती, गंगा स्नान कर लिया संकल्प
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Mar 22, 2026, 10:44:00 AM

आज से नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व की पावन शुरुआत हो गई है। भरणी नक्षत्र और वैधृति योग के शुभ संयोग में शुरू हुआ यह चार दिवसीय अनुष्ठान आस्था, संयम और पवित्रता का अद्भुत संगम है। पूर्वांचल और उत्तर भारत के साथ-साथ अब पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ इस पर्व को मनाया जा रहा है।

चैती छठ केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक महान अवसर है। इस पर्व के दौरान व्रती चार दिनों तक कठोर नियमों का पालन करते हैं और शुद्धता का विशेष ध्यान रखते हैं। अस्ताचलगामी और उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा हमारी प्राचीन वैदिक संस्कृति की गहराई को दर्शाती है।

नहाय-खाय के पहले दिन सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। व्रती महिलाएं और पुरुष गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना में लीन नजर आए।

 पूजा के बर्तनों को गंगा की मिट्टी और जल से शुद्ध किया गया, जिससे पवित्रता का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा कर व्रत का संकल्प लिया गया।

इस दौरान सुहागन महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मंगलकामनाएं करती दिखीं, जो आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। पूजा के बाद श्रद्धालु गंगाजल अपने घर ले जाते नजर आए, ताकि आगामी अनुष्ठानों में उसका उपयोग कर सकें।

चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व को लेकर हर ओर भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना हुआ है।