शहर की जिन सड़कों पर फुट ओवरब्रिज नहीं है, वहां रोड पार करने वालों को नई सुविधा मिलेगी। जेब्रा क्रॉसिंग के पास पैदल सड़क पार करने वाले लोग एक बटन दबाएंगे। वहां रेड सिग्नल हो जाएगा। दोनों तरफ की गाड़ियां रुक जाएंगी और लोग आसानी से सड़क पार कर पाएंगे। पटना नगर निगम इस नई कवायद में जुट गया है।
मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बजट बैठक हुई। इसमें बजट के आकार एवं योजनाएं लागू करने पर विमर्श किया गया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि बजट 2026-27 का आकार 2914 करोड़ रुपए के आसपास होगा। अभी इस राशि में कुछ सुधार संभव है। इसे घाटे का बजट बताते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि पिछले साल के बजट से 59 करोड़ रुपए अधिक राशि होगी
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि शहर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों का अब कायाकल्प होने जा रहा है. पटना में अब आईओटी (IoT) आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी. ये लाइटें शाम होते ही अंधेरा महसूस कर स्वतः जल उठेंगी और सूरज की पहली किरण के साथ ही खुद बुझ जाएंगी.
वर्तमान में शहर में लगभग 82 हजार लाइटें हैं, लेकिन अब नई कॉलोनियों और गलियों को भी इस स्मार्ट नेटवर्क से जोड़ने के लिए नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा. सबसे खास बात यह है कि इन सभी लाइटों की निगरानी एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से होगी, जिससे खराबी का पता तुरंत चल सकेगा.