स्ट. करेन्स सेकेंडरी स्कूल में मेधावियों का सम्मान, बोर्ड में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र हुए पुरस्कृत

स्ट. करेन्स सेकेंडरी स्कूल में मेधावियों का सम्मान, बोर्ड में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र हुए पुरस्कृत

स्ट. करेन्स सेकेंडरी स्कूल में मेधावियों का सम्मान, बोर्ड में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्र हुए पुरस्कृत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 16, 2026, 5:27:00 PM

पटना स्थित स्ट. करेन्स सेकेंडरी स्कूल में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों की शैक्षणिक सफलता का उत्सव मनाया गया और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा गया। समारोह में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), पटना के निदेशक कर्नल राहुल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक एवं संरक्षक डी.पी. गल्स्टन, हेड ऑफ एकेडमिक ऑपरेशन एंड स्ट्रेटेजी शेफाली श्रीवास्तव, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि छात्रों की उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है।

कक्षा 12वीं में पीसीबी संकाय के आदिव्य आर्यन और ह्यूमैनिटीज की छात्रा सौम्या सिन्हा ने 96 प्रतिशत अंक हासिल कर संयुक्त रूप से विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं, कक्षा 10वीं में शिवम कुमार ने 97.4 प्रतिशत अंक अर्जित कर विशेष उपलब्धि दर्ज की। इन छात्रों को मंच पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

इसके अलावा बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की लगन, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और अभिभावकों के सहयोग को दिया।

समारोह के दौरान उन छात्रों को भी सराहा गया जिन्होंने सभी विषयों में संतुलित और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय ने इसे समग्र शिक्षा पद्धति और नियमित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कर्नल राहुल शर्मा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नियमित अध्ययन और तकनीक के सही उपयोग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए संवेदनशील नागरिक बनने की भी आवश्यकता है। उन्होंने सतत विकास और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, धैर्य और विनम्रता बनाए रखने का संदेश दिया गया। विद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि उसका उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो भविष्य में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।