बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। ई-मेल में दावा किया गया था कि बिहार विधानसभा परिसर में बम रखा गया है और वह कभी भी ब्लास्ट हो सकता है। जैसे ही यह सूचना सामने आई, विधानसभा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा प्रशासन ने बिना देर किए पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और बम स्क्वायड की टीम विधानसभा परिसर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इसके बाद हर कोने-कोने में सघन जांच अभियान चलाया गया। बम स्क्वायड की टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से भवन और आसपास के इलाकों की बारीकी से तलाशी ली। हालांकि काफी देर तक चले इस सर्च ऑपरेशन के बाद भी कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला।
इधर, धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने विधानसभा सचिवालय के वरीय अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रभारी सचिव ख्याति सिंह को निर्देश दिया कि वे तुरंत मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस पूरे मामले की जानकारी दें और विधानसभा परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द जांच कराई जाए।
फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। साइबर सेल की टीम भी सक्रिय हो गई है और ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।