बिहार में सरकारी सेवकों के लिए 'डिजिटल लक्ष्मण रेखा' सोच समझ कर करना होगा सोशल मीडिया पोस्ट, नहीं तो...

बिहार के सरकारी गलियारों में अब 'लाइक', 'शेयर' और 'कमेंट' करना महंगा पड़ सकता है। राज्य कैबिनेट ने सरकारी सेवकों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा फैसला लिया है

बिहार में सरकारी सेवकों के लिए 'डिजिटल लक्ष्मण रेखा' सोच समझ कर करना होगा सोशल मीडिया पोस्ट, नहीं तो...
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 30, 2026, 1:19:00 PM

बिहार के सरकारी गलियारों में अब 'लाइक', 'शेयर' और 'कमेंट' करना महंगा पड़ सकता है। राज्य कैबिनेट ने सरकारी सेवकों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा फैसला लिया है। अगर आप बिहार सरकार के कर्मचारी हैं, तो अब आपका एक गलत पोस्ट आपकी नौकरी पर भारी पड़ सकता है।

अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी दफ्तरों में रील बनाते हैं या लाइव स्ट्रीमिंग करते हैं। अब इस पर पूरी तरह लगाम लगा दी गई है।

कार्यस्थल से लाइव स्ट्रीमिंग करना या वीडियो बनाना दंडनीय अपराध होगा।

किसी भी आधिकारिक दस्तावेज, फाइल या गोपनीय चर्चा को सार्वजनिक करना नियमों का सीधा उल्लंघन है।

वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपशब्द कहना या विरोधात्मक पोस्ट डालना अब सीधे सस्पेंशन या विभागीय कार्रवाई का कारण बनेगा।

सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सरकारी छवि धूमिल होती है और प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती है। अब बिहार के अधिकारियों और कर्मचारियों को 'डिजिटल अनुशासन' के दायरे में रहना होगा। यह फैसला उन सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो सोशल मीडिया को अपनी व्यक्तिगत राय और सरकारी काम के बीच की दीवार नहीं मानते थे।

सरकारी सेवकों को निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी नीतियों, निर्णयों या सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के आदेशों पर सोशल मीडिया में व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे. वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपशब्द या विरोधात्मक पोस्ट करना भी दंडनीय होगा.