बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक नई पहल शुरू की है। “सबका सम्मान, जीवन आसान” अभियान के अंतर्गत राज्यभर की पंचायतों में नियमित रूप से “सहयोग शिविर” आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दिलाते हुए उनकी शिकायतों और जरूरतों का निपटारा स्थानीय स्तर पर करना है।
राज्य सरकार की इस पहल को प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को योजनाओं, सेवाओं और शिकायत निवारण की सुविधा उनके गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सके। शिविरों में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर आवेदन स्वीकार करेंगे और कई मामलों का समाधान तुरंत किया जाएगा।
इस योजना की तैयारियों और अब तक प्राप्त शिकायतों की समीक्षा को लेकर बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रतिवेदनों, शिकायतों की स्थिति, उनके निपटारे की प्रगति और लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य सरकार ने इस पूरी व्यवस्था के समन्वय की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य की सभी पंचायतों में हर महीने दो बार शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए महीने के पहले और तीसरे मंगलवार का दिन तय किया गया है। बिहार का कोई भी नागरिक इन शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा। साथ ही लोग सरकारी सेवाओं में सुधार और जनसुविधाओं से जुड़े सुझाव भी प्रशासन को दे सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों का निपटारा तत्काल संभव होगा, उन्हें शिविर स्थल पर ही हल करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जटिल मामलों के लिए अधिकतम 30 दिनों की समयसीमा तय की गई है, ताकि शिकायतों का समाधान निर्धारित अवधि के भीतर सुनिश्चित हो सके।
इन शिविरों में जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी लोगों को सरकारी योजनाओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी देंगे।
राज्य सरकार ने शिविरों की प्रभावी निगरानी के लिए प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी है। पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर से की जाएगी, ताकि शिकायत निवारण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी रहे।
इस अभियान में राजस्व एवं भूमि सुधार, गृह विभाग, ग्रामीण विकास, नगर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, बिजली और श्रम संसाधन समेत कई विभागों को जोड़ा गया है। सरकार ने हाल ही में “सहयोग हेल्पलाइन 1100” और “सहयोग पोर्टल” भी शुरू किया है, जिसके जरिए लोग अपनी शिकायतें और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।