बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार, 11 मई के लिए राज्यभर में सतर्कता जारी करते हुए सभी जिलों को येलो अलर्ट के दायरे में रखा है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में तेज हवा, गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट बताती है कि उत्तर बिहार के 19 जिलों समेत दक्षिण बिहार के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। राजधानी पटना सहित कुल 26 जिलों में विशेष रूप से आंधी और वर्षा को लेकर चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत हुई हैं। इसी कारण राज्य के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 15 मई तक रुक-रुक कर ऐसी स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे बीते कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे शहरों में तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
इधर, मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदानों में जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों या ऊंची संरचनाओं के आसपास रहने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फिलहाल खेतों में काम करने से परहेज करने को कहा गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।