बिहार में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरकार ने निजी विद्यालयों पर निगरानी और कड़ी कर दी है। हाल ही में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर नामांकन की स्थिति, तकनीकी बाधाओं और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने की, जिसमें सत्र 2026-27 के लिए RTE की धारा 12(1)(c) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर हो रहे दाखिले की प्रगति पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पात्र बच्चों को समय पर प्रवेश दिलाना प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 13 अप्रैल 2026 तक अपनी कुल सीट क्षमता (Intake Capacity) RTE पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। तय समय सीमा का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 14 जनवरी से 8 अप्रैल 2026 के बीच 1,949 निजी स्कूलों को मान्यता प्रदान की जा चुकी है, जबकि 417 विद्यालयों के आवेदन 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इन मामलों को अप्रैल के भीतर निपटाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि किसी भी विद्यालय को मान्यता देने से पहले जिला और प्रखंड स्तर के शिक्षा पदाधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण अनिवार्य होगा, ताकि निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नामांकन के आंकड़ों पर नजर डालें तो रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से चयनित बच्चों में से 56,573 का दाखिला हो चुका है, जबकि 8,186 मामलों में अभी भी प्रवेश लंबित है। इन लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश स्कूलों को दिए गए हैं।
विद्यालयों को यह भी स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि वे दूरी या अन्य सामान्य कारणों के आधार पर किसी बच्चे को प्रवेश देने से मना नहीं कर सकते। केवल दस्तावेजों में त्रुटि या अभिभावक के लिखित अनुरोध की स्थिति में ही दाखिला अस्वीकार किया जा सकता है।
वित्तीय पहलू पर जानकारी देते हुए बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2023-24 के बीच RTE के तहत नामांकित बच्चों के लिए निजी स्कूलों को DBT के जरिए 200.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अरवल, पूर्वी चंपारण, रोहतास, सहरसा और शेखपुरा जिलों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जिलों में भुगतान जारी है।
तकनीकी समस्याओं को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। कई विद्यालयों ने पोर्टल पर नामांकन की स्थिति अपडेट न होने की शिकायत की थी। इसके समाधान के लिए सरकार ने Intake Capacity और नामांकन प्रक्रिया से संबंधित एक विस्तृत वीडियो मार्गदर्शिका तैयार कर सभी स्कूलों को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इस बैठक में उप निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) उर्मिला कुमारी, उप निदेशक (जनसंपर्क) दिनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।