बिहार में मैट्रिक परीक्षा के तीसरे दिन सेकेंड लैंग्वेज की परीक्षा के बीच नकल और जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। एक तरफ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सख्ती के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर बांका जिले में फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बांका के आरएमके इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र पर बादल कुमार नाम का युवक दूसरे छात्र ओम कुमार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ था, जिसमें 7 हजार रुपये एडवांस भी दिए जा चुके थे। पूछताछ में आरोपी ने खुद इस बात को स्वीकार किया। इसके बाद केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल पुलिस को बुलाया गया।
इसी तरह बाराहाट के मोहनपुर परीक्षा केंद्र से भी एक और फर्जी परीक्षार्थी प्राण कुमार को गिरफ्तार किया गया। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुल परीक्षार्थी: लगभग 15.12 लाख (छात्राओं की संख्या अधिक)
परीक्षा केंद्र: प्रदेश भर में 1699 केंद्रों पर दो पालियों में एग्जाम।
अनुशासन: अब तक कुल 11 छात्र निष्कासित किए जा चुके हैं।
ड्रेस कोड: बोर्ड ने जूता-मोजा पहनकर आने पर सख्त रोक लगाई है; केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश की अनुमति है।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाता है। पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा बल तैनात हैं। महिला परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ‘मॉडल परीक्षा केंद्र’ भी बनाए गए हैं, जहां सजावट के साथ-साथ हेल्प डेस्क की व्यवस्था है।