बिहार में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक की गई संपत्ति घोषणाओं ने एक दिलचस्प और विविध तस्वीर पेश की है। कुल 25 आईपीएस अधिकारियों के वित्तीय विवरणों के विश्लेषण से यह सामने आया है कि जहां कुछ अधिकारी बेहद साधारण जीवनशैली अपनाए हुए हैं, वहीं कुछ के पास करोड़ों की संपत्ति और महंगे निवेश मौजूद हैं।
राजधानी पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय कुमार शर्मा के नाम पर लगभग 80 लाख रुपये का फ्लैट दर्ज है। दूसरी ओर, सिटी एसपी परिचय कुमार के परिवार में आभूषणों में भारी निवेश देखने को मिला है, जहां उनकी पत्नी के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये के गहने दर्ज किए गए हैं।
इस सूची में जहानाबाद के एसपी अपराजित लोहान सबसे समृद्ध अधिकारियों में गिने जा रहे हैं। उनके पास हरियाणा के हिसार और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति है, जिसकी कुल कीमत कई करोड़ तक पहुंचती है। इसके अलावा उनके पास अन्य संपत्तियां भी हैं, जिनमें मकान और जमीन शामिल हैं। उनकी पत्नी के पास भी सोने और हीरे के कीमती आभूषण मौजूद हैं।
रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि कई अधिकारियों ने पारंपरिक निवेश के साथ-साथ आधुनिक वित्तीय साधनों को भी अपनाया है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों में निवेश का रुझान देखा गया है। हालांकि, नकद राशि के मामले में अधिकांश अधिकारी सीमित नकदी ही रखते हैं, अधिकतर के पास 50 हजार रुपये से कम नकद दर्ज है, जबकि कुछ के पास एक लाख रुपये तक की राशि बताई गई है।
कुछ जिलों के एसपी के परिवारों में सोने में निवेश की प्रवृत्ति भी स्पष्ट दिखती है। नालंदा और वैशाली के पुलिस अधीक्षकों के परिवारों के पास बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण दर्ज किए गए हैं, जो पारंपरिक निवेश प्राथमिकता को दर्शाता है।
वहीं, कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जिनके नाम पर फिलहाल कोई संपत्ति नहीं है। इसका कारण यह बताया गया है कि पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा अभी नहीं हुआ है और संपत्ति अभी उनके पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज है।
अन्य विवरणों में यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों के पास कृषि भूमि में हिस्सेदारी है, जबकि कुछ ने शहरी क्षेत्रों में फ्लैट खरीदे हैं। साथ ही, कुछ अधिकारियों की व्यक्तिगत रुचियां भी सामने आई हैं, जैसे कि स्पोर्ट्स बाइक का शौक, जो उनके जीवन के अलग पहलू को दर्शाता है।