Syed Ata Hasnain के राज्यपाल बनते ही उठा बड़ा सवाल, 10 साल में बिहार में बदले 7 राज्यपाल, राजभवन में क्यों नहीं टिकती कुर्सी?

बिहार के राजभवन को लेकर एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। वह भी तब जब कल Syed ata Hasnain को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया तो इस बात की चर्चा तेज हो गई कि आखिर वह कौन सी वजह है की बिहार में राज्यपाल का कार्यकाल पूरा नहीं हो पाता है

Syed Ata Hasnain के राज्यपाल बनते ही उठा बड़ा सवाल, 10 साल में बिहार में बदले 7 राज्यपाल, राजभवन में क्यों नहीं टिकती कुर्सी?
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Mar 06, 2026, 10:39:00 AM

बिहार के राजभवन को लेकर एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। वह भी तब जब कल Syed ata Hasnain को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया तो इस बात की चर्चा तेज हो गई कि आखिर वह कौन सी वजह है की बिहार में राज्यपाल का कार्यकाल पूरा नहीं हो पाता है। पिछले 10 वर्षों में बिहार में 7 राज्यपाल बदल चुके हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि बिहार में राजभवन की कुर्सी पर स्थिरता दिखाई नहीं देती।

अगर पिछले एक दशक पर नजर डालें तो तस्वीर साफ हो जाती है। बिहार में राज्यपाल बदलने का सिलसिला लगातार चलता रहा है। कभी ट्रांसफर, कभी नई नियुक्ति और कभी राजनीतिक परिस्थितियों के कारण राजभवन का चेहरा बदलता रहा।

सबसे पहले बात करते हैं हाल के राज्यपालों की। हाल के वर्षों में बिहार के राज्यपाल के तौर पर Arif Mohammad Khan ने जिम्मेदारी संभाली। उनसे पहले इस पद पर थे Rajendra Vishwanath Arlekar, जिन्होंने फरवरी 2023 से जनवरी 2025 तक बिहार के राज्यपाल के रूप में काम किया।

उससे पहले बिहार के राज्यपाल रहे Phagu Chauhan, जिन्होंने जुलाई 2019 से फरवरी 2023 तक राजभवन की जिम्मेदारी निभाई।

उनसे पहले राज्यपाल बने Lalji Tandon। उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी निभाई।

इसके पहले बिहार के राज्यपाल रहे Satya Pal Malik, जिनका कार्यकाल भी करीब एक साल के आसपास ही रहा।

कुछ समय के लिए अतिरिक्त प्रभार संभाला Keshari Nath Tripathi ने।और उससे पहले बिहार के राज्यपाल थे Ram Nath Kovind, जो बाद में देश के राष्ट्रपति भी बने।

यानी तस्वीर बिल्कुल साफ है—पिछले 10 वर्षों में बिहार में राजभवन का चेहरा बार-बार बदला है और कम से कम 7 राज्यपाल बदल चुके हैं।

अब जरा इतिहास पर नजर डालते हैं। जब देश आजाद हुआ था तब बिहार के पहले राज्यपाल बने थे Jairamdas Daulatram। उन्होंने 15 अगस्त 1947 से बिहार के पहले राज्यपाल के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।

आजादी के बाद से लेकर अब तक बिहार में करीब 38 राज्यपाल रह चुके हैं। इस दौरान कई बड़े और प्रभावशाली नाम इस पद पर रहे। इनमें Zakir Husain जैसे नेता भी शामिल रहे, जो बाद में देश के राष्ट्रपति बने।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि संविधान के मुताबिक राज्यपाल का कार्यकाल 5 साल का होता है, फिर भी बिहार में कई राज्यपाल ऐसे रहे जो अपना पूरा कार्यकाल नहीं पूरा कर पाए। कई राज्यपाल एक-दो साल में ही बदल गए।

यानी बिहार के राजभवन की कहानी बताती है कि यहां राज्यपाल की कुर्सी पर स्थिरता कम और बदलाव ज्यादा देखने को मिला है। पिछले 10 वर्षों में लगातार हुए बदलाव ने यह चर्चा तेज कर दी है कि आखिर बिहार में राज्यपाल का कार्यकाल इतना छोटा क्यों हो जाता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में बिहार को क्या ऐसा राज्यपाल मिलेगा जो पूरा 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगा, या फिर राजभवन में बदलाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।