अब सुधा बूथ पर मिलेगा बकरी का दूध, मंत्री बोले – गरीबों के लिए ATM है बकरी पालन

बिहार में बकरी का दूध अब सुधा केंद्रों पर भी मिलेगा. इसके साथ ही नगर निगम और नगर निकायों के माध्यम से बकरे के मांस की बिक्री कराई जाएगी. पटना के बाद बिहार के अलग-अलग जिलों में भी बिक्री कराई जाएगी.

अब सुधा बूथ पर मिलेगा बकरी का दूध, मंत्री बोले – गरीबों के लिए ATM है बकरी पालन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Mar 10, 2026, 9:00:00 PM

बिहार में अब बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक नई पहल करने जा रही है। जल्द ही राज्य में बकरी का दूध भी सुधा केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम और नगर निकायों के माध्यम से बकरे के मांस की बिक्री की व्यवस्था भी की जाएगी। शुरुआत राजधानी पटना से होगी और उसके बाद इसे बिहार के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग इस योजना को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में भेजा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बकरी पालन करने वाले किसानों और ग्रामीण परिवारों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बकरी पालन गरीब परिवारों के लिए एटीएम की तरह है। जरूरत पड़ने पर किसान बकरी को बेचकर तुरंत पैसे प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 60 से 90 प्रतिशत तक अनुदान भी दे रही है। आने वाले समय में बकरी के मांस के साथ-साथ इसके दूध के व्यवसाय को भी बड़े स्तर पर बढ़ाने की योजना है।

विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि बाजार में बकरी के दूध की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए इसे सुधा के माध्यम से बेचने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही बकरी पालकों को उचित लाभ मिले, इसके लिए मांस के व्यवसाय को भी व्यवस्थित करने पर काम किया जा रहा है।

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि राज्य में रोजगार सृजन योजना के तहत पशुपालन की अहम भूमिका है। पशुओं से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं और शोध को मजबूत कर बकरी पालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

वहीं केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा के डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार चाटली ने बताया कि बाजार में बकरों के मांस की मांग पहले से ही अधिक है। इसके साथ ही बकरी के दूध और उससे बनने वाले उत्पाद जैसे पनीर की कीमत भी बाजार में अच्छी मिलती है। ऐसे में यह पहल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।