पटना में AIIMS Patna के पास 8वीं मंजिल से गिरकर एक 17 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस इस केस को बेहद गंभीरता से लेते हुए हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है। मंगलवार को फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की।
फॉरेंसिक टीम ने बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर जाकर तीन डमी पुतले अलग-अलग एंगल से नीचे गिराए। इस प्रक्रिया का मकसद यह जानना था कि अगर किसी को धक्का दिया जाए या कोई खुद कूदे, तो शरीर किस दिशा में गिरेगा और किस तरह की चोटें आ सकती हैं। डॉ. विनय कुमार, प्रभारी, फॉरेंसिक विभाग, ने बताया कि डमी टेस्ट से यह अनुमान लगाया जाता है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां रही होंगी।
घटना AIIMS गोलंबर के पास की है। पांच दिन पहले छात्रा की लाश बिल्डिंग के नीचे मिली थी। वह सुबह 8 बजे घर से कोचिंग के लिए निकली थी। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई और फिर कोचिंग के चौथे फ्लोर से धक्का दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को सीढ़ियों की ओर जाते देखा गया है। उसके पीछे दो लड़के भी नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद छात्रा बिल्डिंग से नीचे गिरती दिखाई देती है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।