बेगूसराय में पुलिस अधीक्षक के नये कार्यालय और बिहार के 5 जिलों में नये थाना भवन का निर्माण होगा। इसके लिए 46,34 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण और किशनगंज में G+3 थाना भवन का निर्माण किया जाएगा। जिसमें फर्नीचर, पुलिस बैरक, आवास और अन्य आधारभूत सुविधाएं रहेगी। बिहार के गृह मंत्री व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस बात की जानकारी दी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में थाना भवन और आधारभूत संरचना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना पर छियालीस करोड़ चौत्तीस लाख सात हजार सात सौ रुपये खर्च किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा इन जिलों के थानों में नए भवन और आवश्यक सुविधाओं के निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया गया था। इन प्रस्तावों के आधार पर पांच नई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं के तहत आधुनिक थाना भवन, पुलिस कर्मियों के लिए आवास, आउट हाउस, फर्नीचर और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा ताकि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके और जनता को त्वरित पुलिस सेवा उपलब्ध हो सके।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बेगूसराय जिले में पुलिस अधीक्षक के नए कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। यह भवन G+3 संरचना में बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 853.91 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। वही पूर्वी चंपारण जिले के छतौनी थाना परिसर में थाना भवन का निर्माण किया जाएगा। यह भवन भी प्लस-3 संरचना में बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 1144.0455 लाख रुपये स्वीकृति दी गई है। अररिया जिले के नरपतगंज थाना परिसर में भी नए थाना भवन का निर्माण किया जाएगा। यह भवन भी G+3 संरचना में तैयार होगा। इस परियोजना के लिए 905.119 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है
सारण जिले के मढ़ौरा थाना परिसर में नए थाना भवन का निर्माण कराया जाएगा। जी प्लस तीन संरचना पर 863.953 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं किशनगंज जिले के दीघलबैंक थाना भवन के G+3 संरचना में नया थाना भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के लिए लगभग 867.0495 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार आधारभूत संरचना के विकास पर काम कर रही है। इसी क्रम में बिहार के पांच विभिन्न जिलों में थाना भवन, आउट हाउस, एलएनएफ आवास, कार्यालय भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से जुड़ी योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पुलिस व्यवस्था को बेहतर संसाधन मिलेंगे और आम लोगों को भी बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।