102 एम्बुलेंस सेवा बनी लाइफलाइन, हर दिन 200+ लोगों को मिल रही इमरजेंसी सहायता

102 एम्बुलेंस सेवा बनी लाइफलाइन, हर दिन 200+ लोगों को मिल रही इमरजेंसी सहायता

102 एम्बुलेंस सेवा बनी लाइफलाइन, हर दिन 200+ लोगों को मिल रही इमरजेंसी सहायता
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 11, 2026, 2:46:00 PM

बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा अहम भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेन प्लस सर्विसेज द्वारा संचालित यह व्यवस्था मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में प्रभावी साबित हो रही है। खास बात यह है कि यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी तत्काल इलाज तक पहुंच मिल रही है।

इस सेवा की कार्यप्रणाली तकनीक और त्वरित समन्वय पर आधारित है। जैसे ही कंट्रोल रूम में कॉल प्राप्त होती है, निकटतम एम्बुलेंस को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया जाता है। इससे मरीजों तक कम से कम समय में सहायता पहुंचाना संभव हो पाता है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी यह व्यवस्था समान रूप से सक्रिय है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच व्यापक हुई है।

पटना जिले में इस नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा है। यहां कुल 111 एम्बुलेंस तैनात हैं, जिनमें 28 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS), 69 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 14 शव वाहन शामिल हैं। यह बेड़ा विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों से निपटने में सक्षम है और औसतन प्रतिदिन 200 से अधिक मरीजों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।

मार्च 2026 के आंकड़े इस सेवा की उपयोगिता को और स्पष्ट करते हैं। इस दौरान पटना में 6,752 मामलों में एम्बुलेंस के जरिए सहायता उपलब्ध कराई गई। इनमें बड़ी संख्या गर्भवती महिलाओं की रही, जिनकी संख्या 3,799 थी। इसके अलावा 67 नवजात शिशुओं, 296 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 2,590 अन्य आपातकालीन मामलों में भी समय पर मदद पहुंचाई गई।

ज़ेन प्लस बिहार के प्रोजेक्ट प्रमुख दीपक श्रीवास्तव के अनुसार, जिले में 102 एम्बुलेंस सेवा पूरी क्षमता के साथ कार्यरत है और किसी भी आपात स्थिति में लोग इसका लाभ बिना किसी शुल्क के उठा सकते हैं। उनका कहना है कि यह सेवा राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।