बिहार में अब विधायकों, विधान पार्षदों और सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का फैसला किया गया है। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने इस योजना की घोषणा की। इस कदम से राज्य के करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह घोषणा बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप के सवाल के दौरान सामने आई। पहले सवाल-जवाब के क्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कैशलेस इलाज को लेकर बैठक करने की बात कही थी। हालांकि, विधायक राघवेंद्र प्रताप इस मुद्दे पर तुरंत निर्णय की मांग पर अड़े रहे। इसी बीच जाले से बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने भी सरकार से तत्काल घोषणा करने की मांग की और कहा कि जब सरकार सदन में मौजूद है तो बैठक की बात क्यों की जा रही है।
विधायकों के दबाव के बाद डिप्टी सीएम ने सदन में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने का ऐलान कर दिया।
इधर, बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा परिसर में एक बड़ी घटना होते-होते टल गई। बताया गया कि जब कई विधायक विधानसभा पहुंच रहे थे, उसी दौरान भवन की छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी विधायक या अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने स्पीकर को इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुबह पोर्टिको में कई सदस्य खड़े थे और अचानक ऊपर से भारी मलबा गिरा, जिससे कुछ विधायक बाल-बाल बच गए।
गौरतलब है कि बजट सत्र से पहले विधानसभा भवन का नवीनीकरण कराया गया था और इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद छत का हिस्सा गिरने की घटना ने भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।