बिहार का फर्जी IAS यूपी में गिरफ्तार, रौब में असली SDM को जड़ता था थप्पड़, कुंडली जानकर रह जाएंगे हैरान

बिहार के रहने वाले एक फर्जी IAS अधिकारी की चौंकाने वाली ठगी का पर्दाफाश हुआ है. यूपी पुलिस ने गोरखपुर से उसे गिरफ्तार किया।

बिहार का फर्जी IAS यूपी में गिरफ्तार, रौब में असली SDM को जड़ता था थप्पड़, कुंडली जानकर रह जाएंगे हैरान
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Dec 11, 2025, 4:41:00 PM

बिहार के रहने वाले एक फर्जी IAS अधिकारी की चौंकाने वाली ठगी का पर्दाफाश हुआ है. यूपी पुलिस ने गोरखपुर से उसे गिरफ्तार किया।

जिसने रौब, फर्जी दस्तावेज और AI की मदद से चार राज्यों में बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रखा था. लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने से लेकर करोड़ों की ठगी तक. उसकी करतूतों ने प्रशासन को भी हैरान कर दिया है.

पकड़ा गया युवक गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर सिर्फ प्रोटोकॉल दिखाने के लिए हर महीने करीब 5 लाख रुपए खर्च करता था. सफेद इनोवा पर लाल-नीली बत्ती, 10-15 लोगों की प्राइवेट टीम, लगातार गांवों का दौरा. सब कुछ बिल्कुल असली IAS अफसर की तरह था.

गौरव की हिम्मत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भागलपुर के एक गांव में दौरे के दौरान जब असली SDM ने उसके बैच और रैंक पर सवाल किया, तो उसने उल्टे SDM को दो थप्पड़ मार दिए. हैरान अधिकारी ने इसकी शिकायत तक नहीं की. इसी रौब और दिखावे के दम पर गौरव लोगों को आसानी से भरोसे में ले लेता था.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब गौरव के मोबाइल चेक किए तो उसमें चार गर्लफ्रेंड की लंबी चैट मिली. हैरानी की बात यह कि इनमें से तीन उस समय प्रेग्नेंट थीं. सभी लड़कियां गौरव को IAS अफसर समझकर संबंध में थीं. बाद में पता चला कि गौरव पहले से बिहार की एक लड़की से मंदिर में शादी कर चुका था

गौरव ने पूछताछ में बताया कि उसके साले अभिषेक कुमार ने खुद को IAS साबित करने का पूरा सिस्टम तैयार किया था. अभिषेक सॉफ्टवेयर सीख चुका था और फर्जी ID, नेम-प्लेट और अन्य दस्तावेज बनवाने में उसकी बड़ी भूमिका थी. पहले दोनों कुछ जालसाजों से पैसे देकर दस्तावेज तैयार करवाते थे, लेकिन AI का उपयोग शुरू होने के बाद यह काम बेहद आसान हो गया. अखबार की कतरनों से लेकर सरकारी टेंडर तक सब ऑनलाइन तैयार होने लगा.।

पूरा मामला तब खुला, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गोरखपुर GRP की चेकिंग में वैशाली एक्सप्रेस से 99.90 लाख रुपए कैश मिला. युवक ने खुद को मोकामा निवासी मुकुंद माधव बताया, लेकिन पैसे के स्रोत की जानकारी नहीं दे सका. धीरे-धीरे जांच में सामने आया कि यह रकम नौकरी दिलाने के नाम पर ली गई रिश्वत थी और इसे ललित किशोर उर्फ गौरव बिहार भेज रहा था.

इस खुलासे के बाद पुलिस ने गौरव पर शिकंजा कसना शुरू किया और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया