नवादा में BPSC शिक्षक की सड़क हादसे में मौत,बालू लदे ट्रैक्टर ने मारी जोरदार टक्कर

बिहार के नवादा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। हिसुआ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक सवार दो बीपीएससी शिक्षकों को कुचल दिया।

नवादा में BPSC शिक्षक की सड़क हादसे में मौत,बालू लदे ट्रैक्टर ने मारी जोरदार टक्कर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 12, 2026, 4:26:00 PM

बिहार के नवादा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। हिसुआ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक सवार दो बीपीएससी शिक्षकों को कुचल दिया। इस हादसे में एक शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

मृतक शिक्षक की पहचान कुंदन प्रभात के रूप में हुई है, वहीं घायल शिक्षक आलोक कुमार बताए जा रहे हैं। दोनों नवादा शहर के निवासी थे और एक ही बाइक से मेसकौर प्रखंड के परोरिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में ड्यूटी पर जा रहे थे। रोज की तरह दोनों शिक्षक सुबह जल्दी घर से निकले थे, क्योंकि विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षकों को सुबह 9:30 बजे तक विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करानी होती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर तेज रफ्तार से आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुंदन प्रभात की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं आलोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शिक्षक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है।

इस हादसे के बाद नवादा जिले के शिक्षक समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने मृतक शिक्षक के परिजनों को उचित मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी और अन्य राहत देने की मांग की है। साथ ही घायल शिक्षक के इलाज का पूरा खर्च शिक्षा विभाग द्वारा वहन किए जाने की मांग भी उठ रही है।

घटना की सूचना मिलते ही हिसुआ थाने के एसआई परदेशी कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया। ट्रैक्टर चालक मौके से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अवैध बालू ढुलाई और तेज रफ्तार वाहनों के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।