मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पटना की स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम ने साहेबगंज नगर परिषद में तैनात जूनियर इंजीनियर अमन कुमार को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और सरकारी महकमे में खलबली मची हुई है।
जानकारी के मुताबिक, साहेबगंज नगर परिषद के वार्ड-12 निवासी राजकुमार तिवारी ने निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उनके इलाके में पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य के बदले जूनियर इंजीनियर द्वारा 25 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि होने के बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि जैसे ही अमन कुमार ने शिकायतकर्ता से पैसे लिए, पहले से घात लगाए बैठी टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। इस मामले में कांड संख्या-07/2026 दर्ज कर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी इंजीनियर को कल निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जाएगी।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों में विश्वास बढ़ता है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई तय है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसी सख्ती से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।