आज विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की होगी स्थापना, वाराणसी-अयोध्या के पंडित कर रहे पूजा, 8 पवित्र नदियों से जलाभिषेक

बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया में स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर आज ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है।

आज विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की होगी स्थापना, वाराणसी-अयोध्या के पंडित कर रहे पूजा, 8 पवित्र नदियों से जलाभिषेक
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
: Jan 17, 2026, 10:28:00 AM

बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया में स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर आज ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। शनिवार यानी आज यहां विश्व के सबसे बड़े सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इसे लेकर मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।

शिवलिंग स्थापना से पहले भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत सुबह 8 बजे हुई और यह करीब 10:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद हवन किया जाएगा और फिर विधि-विधान के साथ सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस पूरे अनुष्ठान में वाराणसी और अयोध्या के साथ-साथ महावीर मंदिर पटना, काशी विश्वनाथ मंदिर, गुजरात, हरिद्वार, महाराष्ट्र से आए कुल सात से अधिक पंडित पूजा संपन्न करा रहे हैं।

इस विशेष अवसर पर गंगा समेत 8 पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक किया जाएगा। शिवलिंग स्थापना के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगासागर, सोनपुर और रामेश्वरम से गंगाजल मंगाया गया है। इसके अलावा सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी और गंडक नदी के जल से भी भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा।

आज 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि है, जिसे शिवलिंग की उत्पत्ति का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव की लिंग रूप में पहली पूजा हुई थी, इसलिए इस तिथि को विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। स्थापना समारोह को लाइव दिखाने के लिए मंदिर परिसर में 4 बड़ी LED स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि दूर खड़े श्रद्धालु भी दर्शन कर सकें।

पूजा के लिए कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। एक ट्रक फूल पहले ही मंदिर परिसर पहुंच चुका है, जिसमें गुलाब, गेंदा और गुलदाउदी शामिल हैं। शिवलिंग पर अर्पण के लिए 18 फीट लंबी विशेष माला तैयार की गई है, जिसमें फूलों के साथ भांग, धतूरा और बेलपत्र शामिल हैं।

वहीं, शिवलिंग को स्थापित करने के लिए राजस्थान और भोपाल से दो विशाल क्रेन मंगाई गई हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया है।