मोतिहारी चीनी मिल जमीन मामले में DM की बड़ी कार्रवाई, राजस्व कर्मचारी निलंबित

मोतिहारी में चीनी मिल की जमीन से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है।

 मोतिहारी चीनी मिल जमीन मामले में DM की बड़ी कार्रवाई, राजस्व कर्मचारी निलंबित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: Jun 28, 2026, 12:31:00 PM

मोतिहारी में चिनी मिल की जमीन से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित मामला भू-हदबंदी रोक सूची से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कृष्णा कुमार श्रीवास्तव ने उस भूमि के परिमार्जन के लिए अनुशंसा की, जिसे माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा सीडब्लूजेसी संख्या 13711/2024 (हर्षवर्धन बहेती बनाम बिहार राज्य) में दिनांक 16 मई 2025 को रोक सूची से मुक्त करने का आदेश दिया गया था। 

इसके बावजूद परिमार्जन प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और गलत आधार तैयार कर स्वीकृति के लिए अनुशंसा करने का आरोप उन पर लगा है। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित राजस्व कर्मचारी ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया, बल्कि उनकी कार्यशैली कर्तव्यहीनता, लापरवाही एवं अनुशासनहीनता को दर्शाती है। साथ ही उनके आचरण में भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई गई है। 

जिला प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए त्वरित कार्रवाई की है। डीएम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गलत आधार बनाकर परिमार्जन की अनुशंसा करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है। इसके साथ ही यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के भी विपरीत माना गया है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को पत्र निर्गत की तिथि से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय अरेराज निर्धारित किया गया है। साथ ही बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।इसके अतिरिक्त, अंचलाधिकारी सदर मोतिहारी को निर्देश दिया गया है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध आरोप पत्र का गठन कर 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई हेतु प्रस्ताव समाहर्ता, पूर्वी चंपारण को भेजना सुनिश्चित करें। डीएम की इस सख्त कार्रवाई के बाद उन कर्मचारियों में खलबली मच गई है, जो अवैध लाभ के लिए नियमों की अनदेखी करते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्टर .....सोहराब आलम .... जिला  पूर्वी चम्पारण